जब बात हुनर और जुनून की हो, तो उम्र का फासला मिट जाता है। बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिखाया है। मात्र 13 साल की उम्र में, जहां बच्चे अपने स्कूल और खेल के बीच तालमेल बिठाते हैं, वैभव ने दुनिया की सबसे कठिन क्रिकेट लीग ‘IPL’ में अपनी जगह बनाकर इतिहास रच दिया है।
क्यों वैभव सूर्यवंशी बनेंगे भारत के सबसे बड़े खिलाड़ी?
वैभव की बल्लेबाजी में वो चमक है जो हमें महान खिलाड़ियों की याद दिलाती है। यहाँ 3 बड़े कारण हैं कि क्यों उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है:
1. 13 साल की उम्र में IPL का हिस्सा IPL 2025 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स द्वारा खरीदे जाने के बाद वैभव दुनिया के सबसे कम उम्र के करोड़पति खिलाड़ी बन गए। इतनी छोटी उम्र में इतने बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
2. अंडर-19 में सबसे तेज़ शतक वैभव के नाम अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज़ शतक लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ मात्र 58 गेंदों में 100 रन ठोककर दुनिया को बता दिया कि उनके पास बेखौफ अंदाज और बेहतरीन तकनीक दोनों हैं।
3. बिहार से वर्ल्ड स्टेज तक का सफर एक छोटे से गांव से निकलकर क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले स्टेडियमों तक पहुँचना आसान नहीं था। वैभव का बाएँ हाथ का खेल, उनकी टाइमिंग और आक्रामक बल्लेबाजी उन्हें भविष्य का ‘गौतम गंभीर’ या ‘सौरव गांगुली’ बनाती है।
Just Repair का संदेश: हुनर को सलाम! 🛠️
जैसे वैभव सूर्यवंशी हर गेंद पर सही शॉट लगाकर मैच जीतते हैं, वैसे ही Just Repair आपके घर के हर खराब उपकरण (Appliance) को सही करके आपकी मुस्कान वापस लाता है। हम युवाओं के सपने और उनके जुनून का सम्मान करते हैं।
“हुनर उम्र का मोहताज नहीं होता, बस उसे सही दिशा और मौके की तलाश होती है।”
