भारतीय क्रिकेट में हर दशक में एक ऐसा सितारा उभरता है जो खेल का रुख बदल देता है। इस बार, वह सितारा बिहार की धरती से आया है—नाम है वैभव सूर्यवंशी। मात्र 13 साल की उम्र में, जब क्रिकेट के दिग्गज अपने सुनहरे दिनों को याद कर रहे होते हैं, तब वैभव ने रिकॉर्ड्स की किताब में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवाना शुरू कर दिया है।
जो लोग सोचते हैं कि बड़े रिकॉर्ड तोड़ने में सालों लग जाते हैं, उन्हें वैभव सूर्यवंशी का खेल देखना चाहिए। उनके बल्ले से निकले हर शॉट में वो आग है, वो विश्वास है जो बताता है: “पुराने सारे रिकॉर्ड, अगले 1 साल में टूटने वाले हैं!”
